अब मैं आज्ञा का पालन नहीं कर सकता, मैंने आज्ञा देने का स्वाद चख लिया है और अब मैं इसे नहीं छोड़ सकता…
ऐसी सोच वाले नेपोलियन इतिहास के सबसे महान विजेताओं में से एक थे. इन्होंने नेपोलियन संहिता बनाई. नेपोलियन को अंत समय में जहर दे दिया गया था, जिस कारण इनकी मृत्यु 5 मई सन 1821 को हुई. नेपोलियन के बारे में कहा जाता है कि वह जो चाहते थे, करते थे. उनके मजबूत व्यक्तित्व को लेकर कई सारी कहानियां चर्चित हैं. तो आईये बात करते हैं उनमें से ही कुछ कहानियों की:

मां की कहानियों ने बनाया था वीर

वैसे नेपालियन खुद कहा करते थे कि जब मैं पैदा हुआ था, तो मेरा देश मौत की घड़ियां गिन रहा था. लेकिन उनको वीर बनाने में उनकी मां का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है. कहा जाता है कि बचपन से ही उनकी माता ने उनकी पढ़ाई-लिखाई में बहुत ध्यान दिया. वह उन्हें बचपन से ही वीरों की कहानियां सुनाया करती थीं, ताकि नेपोलियन वीर इंसान बन सके. आगे चलकर नेपोलियन ने मां के इस सपने को ऐसे पूरा किया कि विश्व विख्यात हुए.

Stories of Nepoleon Bonaparte (Pic: CloudBiography/Youtube)

पुरानी प्रशंसाओं से बाहर निकलने का हुनर

अपने शुरुआती दौर में नेपोलियन ने एक लेख प्रतियोगिता में भाग लिया था. इसमें नेपोलियन के लेख को ही सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया. कुछ समय बाद जब नेपोलियन सम्राट बन गए तब वे इस बात को लगभग भूल चुके थे. नेपोलियन के एक मंत्री टेलीरांत को जब इस बात की जानकारी हुई, तो वह नेपोलियन की वाहवाही लूटने के लिए उस लेख को लेकर उनके पास गया. मुस्कुराते हुए उसने पूछा, सम्राट इस लेख के लेखक को आप जानते हैं?

नेपोलियन शांत रहे, इस पर टेलीरांत मन ही मन खूब खुश हुआ और सोचने लगा कि सम्राट खुश होंगे और उसे पुरस्कार देंगे. कुछ देर सोचने के बाद नेपोलियन ने उस प्रति को अपने हाथ में लिया और उसे लेकर कमरे में जल रही अंगीठी में फेंक दिया.

टेलीरांत हैरान था कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. नेपोलियन का जवाब था, यह लेख मेरे एक समय की उपलब्धि थी, लेकिन आज के लिए इसका कोई महत्व नहीं है. इसलिए मैंने इस लेख को जला दिया. उनका संदेश साफ था कि हमें पुरानी प्रशंसाओं से बाहर आकर आगे बढ़ना चाहिए.

निराशा की शब्दकोश में नहीं थी कोई जगह

नेपोलियन खतरों से खेलने के लिए जाने जाते हैं. विषम परिस्थियों में भी जीत का हुनर जो था उनके पास. एक बार जब उन्होंने आलपास पर्वत को पार करने का मन बनाया तो लोगों ने कहा सम्राट पागल हो गये हैं. असल में जिस पर्वत को नेपोलियन पार करना चाहते थे, वह एक विशाल और गगनचुम्बी पहाड़ था. इस पर चढ़ाई करने का मतलब था मौत को दावत. बावजूद इसके…

नेपोलियन ने अपनी सेना को चढ़ाई का आदेश दिया था. अपनी सेना के साथ जब वह पर्वत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे तभी उनके पास आकर एक बुजुर्ग महिला ने टोकते हुए कहा क्यों मरना चाहते हो. यहां जितने भी लोग आये हैं वो मुंह की खाकर यहीं रहे गये. अगर अपनी ज़िंदगी से प्यार है तो वापिस चले जाओ.

उस औरत की यह बात सुनकर नेपोलियन नाराज़ होने की बजाय प्रेरित हो गया और झट से अपना हीरों का हार उतारकर उस बुजुर्ग महिला को पहना दिया और फिर बोले, आपने मेरा उत्साह दोगुना कर दिया और मुझे प्रेरित किया है. लेकिन अगर मैं जिंदा बचा तो आप मेरी जय-जयकार करना. उस औरत ने नेपोलियन की बात सुनकर कहा- तुम पहले इंसान हो जो मेरी बात सुनकर हताश और निराश नहीं हुए. ठीक ही तो है… ‘जो करने या मरने’ और मुसीबतों का सामना करने का इरादा रखते हैं, वह लोग कभी नहीं हारते.

बीवियों से नहीं मिला नेपोलियन को प्यार

नेपोलियन बोनापार्ट के बारे में कहा जाता है कि वह इतने बड़े योद्धा थे कि जल्द किसी से नहीं हारे. पर अपनी निजी जीवन में वह प्यार के लिए तरसते रहे. उन्होंने अपने जीवन में दो-दो शादियां की लेकिन कोई सफल नहीं हुई. अपनी बीवियों से बेइन्तहा मोहब्बत के बाद भी उन्हें उन दोनों की बेवफाई मिली. उन्होंने अपनी पहली शादी जोजफीन से की, जिनके बारे में कहा जाता है कि उसकी सुंदरता से पूरे पैरिस की महिलाएं रश्‍क करती थी.

फ्रांस के लोग जोजफीन को ‘विक्टरी वुमन’ कहा करते थे. उनका मानना था कि नेपोलियन की हर विजय उसकी साम्राज्ञी के कारण होती है. नेपोलियन की दूसरी शादी आस्ट्रिया के सम्राट फ्रांसिस की बेटी मेरी लूसी से हुई थी. मेरी लूसी ने न केवल नेपोलियन से बेवफाई की, बल्कि अपने पिता से मिलकर एक साजिश के तहत वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन को परास्‍त भी कराया.

नेपोलियन की पत्‍नी बनने के बाद लूसी एडम अलब्रेच नामक एक व्यक्ति पर आकर्षित हो गई थी. चूंकि एडम मन ही मन नेपोलियन से नफरत करता था, इसलिए उसने लूसी के साथ मिलकर नेपोलियन को तन्हा कर दिया था.

Napoleon marries Josephine de Beauharnais (Pic: pinterest.com)

‘वॉटरलू की लड़ाई’ ने तोड़ दिया सपना

कभी न हारने की मंशा रखने वाले नेपोलियन को अपने अनेक सफल अभियानों को पूरा करने के बाद ‘नेल्सन’ से मात खानी पड़ी. 1815 में हुई ‘वॉटरलू की लड़ाई’ में उनका वह सपना टूट गया, जिसे वह साथ लेकर चलते थे. यही नहीं पराजय के बाद उन्हें बन्दी भी बनाया गया और ‘सेन्ट हैलेना द्वीप’ पर भेज दिया गया. यही वह जगह थी जहां फ़्रांस के इस सम्राट ने हमेशा के लिए अपनी आंखे बंद कर ली. उनकी मौत को लेकर तरह-तरह की बातें कही जाती रही हैं, लेकिन अधिकांश इतिहासकार ये मानते हैं कि उनकी मौत का कारण पेट का कैंसर था.

चलते-चलते नेपोलियन के प्रेरक कथन …

  • असंभव शब्द सिर्फ बेवकूफों के शब्दकोष में पाया जाता है.
  • अनजाने रास्तों पर वीर ही आगे बढा करते हैं, कायर तो परिचित राह पर ही तलवार चमकाते हैं.
  • मृत्यु कुछ भी नहीं है, लेकिन हारकर और लज्जित होकर जीना रोज़ मरने के बराबर है.
  • अगली दुनिया में हम सेनापतियों से ज्यादा चिकित्सकों को लोगों की जिंदगियों के लिए जवाब देना होगा.
  • जिसे जीत पाने का डर होता है उसकी हार निश्चित होती है.
  • अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये.
  • मरने की तुलना में कष्ट सहने के लिए ज्यादा साहस चाहिए होता है.
  • अपने वचन को निभाने का सबसे अच्छा तरीका है कि वचन ही न दें, लेकिन वह काम कर दीजिये.
  • जब रात को आप अपने कपडे फेंकते हैं तो उसी वक़्त आप अपनी चिंताओं को भी फेंक दीजिये.
  • आपको अपने किसी भी दुश्मन से ज्यादा लड़ाइयां नहीं लड़नी चाहिए… वरना आप उसे अपना पूरा युद्ध कौशल सिखा देंगे.

Nepoleon Bonaparte (Pic: telegraph.co.uk)

कुल मिलाकर अगर यह कहा जाये कि नेपोलियन विश्व के श्रेष्ठतम योद्धाओं में से थे, तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी. उन्होंने बहुत कम समय में अपनी असाधारण प्रतिभा और इच्छाशक्ति से फ्रांस का सम्राट बनने तक का सफर तय किया. वह न सिर्फ एक महान् वक्ता बल्कि एक महान् लेखक भी थे. ऐसे साहस से प्रेरणा ली जानी चाहिए, जिसने असंभव को भी संभव करके दिखलाया.

Web Title: Stories of Nepoleon Bonaparte, Hindi Article

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